हैदराबादी गोश्त बिरयानी - ( Hyadrabadi Gosht Biryani )

हैदराबादी गोश्त बिरयानी

बिरयानी मुगल युग का एक अनन्त अवशेष है जो दुनिया भर मेँ असंख्य रेस्टारेन्ट और रसोईघर में आज भी बहुत प्रख्यात है। इतना ही नहीं, यह परंपरागत नुस्खा हमेशा प्रत्येक पीढ़ी के स्वाद के अनुकूल हुआ है और समय की कसौटी पर खरा उतरा है। हैदराबाद के मुग़ल निज़ामो के इतिहास से लेकर, तौर तरीकों और खान-पान तक का हर पहलू आज भी दुनिया के कोने-कोने में एहले दिल तक दस्तक देता है क्या आप ने हैदराबादी मटन बिरयानी कभी खायी है और अगर नही खाई है तो यकीन मानिए ऐसे स्वाद का अनुभव आपने पहले कभी नही किया होगा हैदराबादी मटन बिरयानी इतनी लज़ीज़ होती है कि पेट भर जा पर मन नहीं भरता जो अपने स्वाद के कारण जानी जाती है अब बनाइये ईद पर हैदराबादी पारंपरिक मटन बिरयानी सबसे अलग और स्वादिष्ट बिरयानी और सभी को खिलाकर ईद की ख़ुशी को और बढ़ाइए

सामग्री

1 किलो मटन
1/2 किलो चावल
250 ग्राम तेल
1 कटोरी पिसा हुआ पुदीना और हरी धनिया
2 बड़े चम्मच पिसा हुआ अदरक लहसुन
10 -12 काली मिर्च
4 बड़ी इलायची
5 /7 लौंग
5 -6 पिसी हुई हरी मिर्च
1/2 चम्मच जीरा
नमक स्वादानुसा
4 कतरे हुए प्याज
तेजपत्ता ,दालचीनी स्वादानुसार

छोंक के लिए

4/5 लौंग
1/2 चम्मच जीरा
2 -3 तेजपत्ता
1/2 कप शुद्ध घी

हैदराबादी बिरयानी बनाने की विधि

मटन को धोकर उस पर जरा -सा नमक पुदीना हरी धनिया और मिर्च का पेस्ट डालकर अच्छी तरह मिलाए और दो -तीन घंटे के लिए छोड़ दे कुकर में तीन चम्मच तेल डालकर गर्म करे कतरा हुआ प्याज डालकर गुलाबी करे फिर सभी साबुत मसाले डाले अब मटन डालकर चलाए फिर नमक अदरक - लसुहन का पेस्ट डाले 1 /4 कप पानी डालकर कुकर बंद कर दे मटन के लगभग नब्बे प्रतिशत गल जाने के बाद उसे उतारकर  अलग रख दे थोड़ा ठंडा हो जाने पर कुकर से मटन अलग कर दे और बचे हुए पानी को एक तरफ रख दे उसके बाद एक गहरे पैन में तेल गरम करके उसमे छोंक की सामग्री डाले फिर चावल धोकर डाले और पकने के लिए जरुरत भर पानी मिलाएं जब चावल पक जाए लेकिन गले नहीं तब उतारकर उन्हें एक सूती कपड़े पर डाले और ठंडा पानी डाले इस प्रकार तीन -चार बार ठंडा पानी डालने से चावल का मांड निकल जाएगा और वह छितरा जाएगा अब एक पतीले में दो चम्मच घी डाले फिर एक परत चावल की और थोड़ा -सा नमक डाले फिर थोड़ा -सा मटन डाले ऐसा तब करे जब तक की सारा चावल और मटन खत्म न हो जाए ध्यान रहे सबसे ऊपर चावल की परत रहनी चाहिए पतीले को भारी ढक्कन से ढककर धीमी आंच पर लगभग पांच मिनट तक रखे सुनहरे किए हुए प्याज से सजाकर सर्व करें

नोट- हैदराबादी बिरयानी रिच डाइट हैं केवल मटन में ही बहुत ज्यादा कैलोरी होती हैं इसके आलावा जहां दिनभर में एक चम्मच तेल का इस्तेमाल सेहत के लिए फायदेमंद रहता हैं वहीं 250 ग्राम तेल नुकसानदायक कोशिश करें कि इसे लंच में ही खाए रात के खाने में नहीं

मटन में कोलेस्ट्रॉल ज्यादा होता हैं इसलिए इसे खाने से पहले खूब सारा सलाद खाएं सलाद इसे कम करेगा

यदि डिनर में बिरयानी खानी हो तो सोने से कम से कम दो घंटे पहले खाएं ताकि यह आसानी से पच सके

मटन रोगन जोश ( Rogan Josh ) विद मुगलई हांड़ी

 मटन रोगन जोश  (Rogan Josh ) विद मुगलई हांड़ी

ये एक मांसहारी शाही मुगलई डिश है जिसे खानसामे शाही रसोईघरो में मिटटी की हँडियो में बनाते थे इसमें गोश्त और मसालों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखना जरुरी है और धीमी धीमी आंच पर बनी ये डिश बेहद स्वादिष्ट बनती है 

सामग्री Marinating के लिए

बकरे का गोश्त 2 किलो ( 6 व्यक्तियों के लिए ) इस बात का विशेष ध्यान रखे की बकरा ज्यादा बड़ा ( MATURE ) न हो खूब चर्बी वाला 12 किलो के बकरे का गोश्त ठीक रहेगा रोगन जोश मटन विद मुगलई हांड़ी की रेसिपी में मीट की गुणवत्ता अति महत्वपूर्ण है

गाढ़ा दही -150 ग्राम

लहसुन अदरक का पेस्ट - 2 चमच्च

हल्दी -1 चमच्च
 
मीट को बनाने से एक दिन पहले ले अच्छी तरह धो कर साफ़ करके उसमे गाढ़े दही के साथ लहसुन अदरक के पेस्ट और हल्दी नमक मिला कर सारे गोश्त को अच्छे से मिला ले फिर 8-12 घंटे के लिए फ्रिज में रख दे गोश्त की चर्बी को अलग ही रखे उसे इसमें नहीं मिलाना है अगले दिन दोपहर 12 बजे इसे फ्रिज से निकाल ले

 मटन रोगन जोश पकाने के लिए सामग्री और विधि

कुकिंग आयल -150 -250  ML ( आवश्यकतानुसार  )

साबुत जीरा -1 चमच्च

तेज़ पत्ता,लौंग इलायची ,दालचीनी इत्यादि खड़े मसाले

प्याज़ बारीक़ कटे -500 ग्राम

लहसुन अदरक का पेस्ट -2चमच्च

धनिया पाउडर -1 चमच्च

जीरा पॉउडर -1 चमच्च

शाही गरम मसाला -10 ग्राम

हल्दी नमक और देगी कश्मीरी मिर्च - 1-1 चमच्च

लाल मिर्च पॉउडर स्वादनुसार

टमाटर बारीक़ कटे हुए  500

मिट्टी की हांड़ी और गोबर से बने उपले

मिट्टी की कोरी हांड़ी को रात भर के लिए पानी में भिगो दे और सुबह उसके बाहर गीली मिटटी का मोटा लेप लगाए ताकि ते आंच की गर्मी से तिड़क कर टूट न जाये 

नमक समेत सारे मसाले एक बॉउल में पानी डाल के गाढ़ा पेस्ट बना ले 

एक कड़ाही में तेल गर्म करे जब धुंआ उठाने लगे आंच कम कर थोड़ा ठंडा होने दे साबुत जीरा और सारे खड़े मसाले डाल दे जब जीरा लाल होने लगे तो लहसुन अदरक का पेस्ट का पेस्ट डाल कर अच्छे से भून ले फिर प्याज ब्राउन हो जाये तो पहले से अलग रखी हुई गोश्त की चर्बी डाल दे और उसमे मसाला पेस्ट डाल कर भूने

जब तेल मसाले से अलग होने लगे तो टमाटर डाल कर गलने तक भूने चर्बी धीरे धीरे तेल छोड़ती रहेगी पक जाये तो गैस बंद कर दे

अब अलग से किसी जगह गोबर के कंडे ( उपले ) सुलगा ले और मिटटी की हांड़ी उस पर चढ़ा दे

कड़ाही में पके मसाले में पूरा गोश्त अच्छी तरह मिक्स कर ले और हांड़ी में डाल दे और थोड़ा सा पानी कड़ाही धोने भर का उसमे डाल दे

अब कंडे की आग को धीरे धीरे सुलग़ने दे अगर आंच ज्यादा होने लगे तो उपलों की साइड में पानी के छींटे मार कर आंच को संतुलित करते रहे इस इस बात का ख्याल रखे की आंच ज्यादा तेज़ न हो और हांड़ी को ढक कर रक्खे ताकि धुंए से बची रही और स्वाद ख़राब न हो लगभग 2 या ढाई घंटे में गोश्त गल जायेगा अब उपलों की गर्म राख पर हांड़ी को छोड़ दे 4 से 6 घंटे तक यूँ ही SEASON होने दे हांड़ी को गर्म राख में दबारहने दे और ऊपर से ढक्कन लगा दे

ये डिश रोगन जोश मटन विद मुगलई हांड़ी 7-8 घंटे तक गर्म रहेगी  जब मन हो तब रुमाली रोटी या नान के साथ खाये